अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर वार
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर शिक्षा को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की बजाय बहानेबाज़ी में लगी है।
हर 20 बच्चों पर 1 शिक्षक की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता तभी सुधरेगी जब हर 20 छात्रों पर एक शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। उनका कहना है कि यह एक बुनियादी आवश्यकता है, लेकिन सरकार इसे लागू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही।
बजट का बहाना, शिक्षा पर कटौती
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बजट की कमी का बहाना बनाकर शिक्षा में कटौती कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर मुख्यमंत्री आत्मप्रचार पर होने वाले खर्च को कम कर दें, तो बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त पैसा उपलब्ध हो सकता है।”
आत्मप्रचार पर तंज
अखिलेश ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का ध्यान कैमरों और पोस्टरों से हटकर स्कूलों और कक्षाओं पर होना चाहिए। उनका कहना है कि आत्मप्रचार से राजनीतिक फायदा हो सकता है, लेकिन राज्य का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले।
Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल
भाजपा को नसीहत
भाजपा सरकार को नसीहत देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “शिक्षा को लाभ-हानि के पैमाने से मत तौलिये, यह समाज की बुनियाद है। अगर शिक्षा मजबूत होगी, तो प्रदेश अपने आप आगे बढ़ेगा।” उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई थी।
राजनीतिक माहौल में गरमी
अखिलेश यादव के इस बयान से प्रदेश का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। भाजपा की ओर से अभी तक सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार शिक्षा के विकास के लिए लगातार कदम उठा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज़ हो सकती है।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
