उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे इंजीनियरिंग समुदाय में गहरी हलचल पैदा कर दी है। मामला ज़िलाधिकारी रविंद्र कुमार और सिंचाई विभाग के adhishasi अभियंता अरुण सचदेवा के बीच हुई कथित बदसलूकी और मारपीट का है। सूत्रों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों की जानकारी मांगने के सिलसिले में ज़िलाधिकारी ने अभियंता अरुण सचदेवा को कार्यालय बुलाया था। लेकिन वहां जो हुआ, उसने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं…….बताया जा रहा है कि DM के स्टेनो ने पहले अभियंता का मोबाइल फोन छीन लिया और इसके तुरंत बाद खुद जिलाधिकारी ने कार्यालय में ही उनसे हाथापाई की। इस घटना के विरोध में Indian Engineers’ Federation खुलकर सामने आया है। संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को “स्वतंत्र भारत के इतिहास में इंजीनियरिंग समुदाय के लिए सबसे बड़ा अपमान” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। INDEF की मांग है कि: जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को तुरंत निलंबित किया जाए, उनके खिलाफ विभागीय जांच bhi शुरू ki jaye और उन पर FIR दर्ज की जाए।
इसी के साथ INDEF ने एक आपातकालीन बैठक कर स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन की ओर से तत्काल और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो pure desh में अभियंता आंदोलन करेंगे। संगठन का कहना है कि अब समय आ गया है कि IAS अधिकारियों के व्यवहार की निगरानी हो और उनके लिए स्पष्ट गाइडलाइंस तय की जाएं, ताकि अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके। इस विवाद ने यूपी में अफसरों और अभियंताओं के रिश्ते को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अफसरशाही अब भी dohri मानसिकता के साथ इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों से व्यवहार कर रही है?
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