back to top
Monday, August 31, 2026
29 C
Lucknow
HomeUncategorized4 महीने बाद पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई! ईरान से इराक...

4 महीने बाद पूर्व सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई! ईरान से इराक तक निकलेगा जनाज़ा, युद्ध की वजह से टला था अंतिम संस्कार !

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनकी मृत्यु के लगभग चार महीने बाद अंतिम विदाई दी जा रही है। सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोह कई दिनों तक चलेंगे। जनाज़े की यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक ईरान और इराक के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी, जिसके बाद उन्हें उनके गृह नगर मशहद में दफनाया जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई का अंतिम संस्कार पहले ही किया जाना था, लेकिन युद्ध की परिस्थितियों और सुरक्षा कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब हालात अपेक्षाकृत सामान्य होने के बाद ईरानी प्रशासन ने विस्तृत कार्यक्रम के साथ अंतिम विदाई समारोह आयोजित किया है।

यह अंतिम यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और राष्ट्रीय आयोजन भी मानी जा रही है। समारोह के दौरान तेहरान सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ईरानी प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

कार्यक्रम के तहत जनाज़ा ईरान के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ इराक के शिया पवित्र शहरों तक भी ले जाया जाएगा। इसके मद्देनज़र इराक की राजधानी बगदाद में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और जुलूस के दौरान अवकाश घोषित किया गया है, ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।

ईरान सरकार इस पूरे आयोजन को बड़े स्तर पर आयोजित कर रही है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और धार्मिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अलग-अलग देशों की भागीदारी उनके आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों के अनुसार होगी।

विश्लेषकों का मानना है कि यह समारोह केवल शोक सभा नहीं, बल्कि ईरान की राजनीतिक और धार्मिक एकजुटता का प्रदर्शन भी है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और राज्य स्तर पर किए जा रहे आयोजन को ईरान की आंतरिक और क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

अंतिम कार्यक्रम के अनुसार, कई दिनों तक चलने वाली श्रद्धांजलि सभाओं के बाद 9 जुलाई को मशहद में दफन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मशहद, खामेनेई का जन्मस्थान होने के साथ-साथ ईरान का एक प्रमुख धार्मिक शहर भी है, इसलिए वहीं उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने का निर्णय लिया गया है।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर इस बहु-दिवसीय अंतिम यात्रा पर बनी हुई है। यह समारोह न केवल ईरान के हालिया इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, बल्कि पश्चिम एशिया की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी इसे विशेष महत्व के साथ देखा जा रहा है।

written by:- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments