भारतीय शादियां अपने भव्य समारोहों, रंग-बिरंगे परिधानों और धूमधड़ाके के लिए दुनिया भर में जानी जाती हैं। लेकिन बदलते समय के साथ इन शादियों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। आधुनिकता और पारंपरिकता के इस मेल में अब एक नया चलन जुड़ गया है – किराए के बराती। जब किसी शादी में मेहमानों की संख्या कम हो, या परिवार वाले स्टेज और डांस फ्लोर से दूरी बनाए रखें, तब पेशेवर कलाकारों की यह टुकड़ी शादी के माहौल में रंग भरने का काम करती है। खासतौर पर विदेशों में बसे भारतीयों (NRI) के लिए यह चलन एक भावनात्मक और सांस्कृतिक पुल का काम कर रहा है, जिससे वे अपने जश्न में भारतीय रंगत ला सकें।
दिल्ली के एक मशहूर वेडिंग प्लानर ने तुर्की के एक जोड़े का उदाहरण साझा किया, जिन्होंने भारत में अपनी डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए न केवल भारतीय परंपराओं को अपनाया, बल्कि 100 किराए के मेहमानों और बरातियों की भी व्यवस्था की। उनका मकसद था कि शादी की तस्वीरें भव्य लगें और समारोह में भारतीयता की पूरी झलक मिले। इसी तरह, चंडीगढ़ की एक दुल्हन की बारात में भी किराए के बरातियों ने ऐसा समां बांधा कि दोनों परिवारों की खुशी दोगुनी हो गई। अब यह सिर्फ एक मज़ाकिया प्रयोग नहीं, बल्कि योजनाबद्ध और पेशेवर सेवा बन चुकी है।
दिल्ली स्थित ‘विवाह लग्जरी वेडिंग्स’ के संस्थापक मोहसिन खान बताते हैं कि ग्राहक आमतौर पर 20 से 50 बारातियों की मांग करते हैं, जिन्हें थीम अनुसार कपड़े पहनाए जाते हैं और बारात के अनुसार प्रशिक्षित किया जाता है। ये कलाकार इतने सहज ढंग से समारोह में शामिल होते हैं कि कई बार खुद मेजबान भी भ्रम में पड़ जाते हैं कि कौन असली मेहमान है और कौन किराए पर बुलाया गया है। इनकी फीस ₹2,500 से ₹5,000 प्रति व्यक्ति तक होती है, जो शादी को यादगार बनाने की कीमत के रूप में कई जोड़ों को स्वीकार्य है।
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कुछ लोगों के लिए यह चलन भले ही दिखावे का प्रतीक हो, लेकिन कई जोड़ों और उनके परिवारों के लिए यह वरदान साबित हो रहा है। अंबाला के सुखराज सिंह, जो ‘राज इवेंट्स’ नामक कंपनी चलाते हैं, बताते हैं कि उनके पास DJ ऑन व्हील्स से लेकर रूसी डांसर तक की मांग आती है। खासकर बड़ी और थीम-बेस्ड शादियों में विदेशी कलाकारों की मौजूदगी अब सामान्य बात होती जा रही है। इससे न सिर्फ बारात में ऊर्जा आती है, बल्कि मेहमानों को एक अनूठा अनुभव भी मिलता है।
पूजा प्रेमा नाम की एक नवविवाहिता कहती हैं, “हमारे परिवार के सदस्य बहुत शर्मीले हैं, किसी से डांस नहीं होता। शादी में रौनक लाने के लिए हमने एजेंसी से प्रोफेशनल बराती बुलवाए और पूरा माहौल ही बदल गया। हर कोई मुस्कुरा रहा था, डांस कर रहा था, और सबसे खास बात – किसी को फर्क नहीं पड़ा कि कौन अपना है और कौन प्रोफेशनल।” इस बदलाव के साथ भारतीय शादियां न सिर्फ रिवायतों को सहेज रही हैं, बल्कि उन्हें नए रंग भी दे रही हैं – और किराए के बराती उसी रंगों की बारात में अब एक जरूरी किरदार बनते जा रहे हैं।
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