गाजीपुर पुलिस ने शुक्रवार को माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। उसे राजधानी लखनऊ के वीवीआईपी क्षेत्र माने जाने वाले दारुलशफा स्थित विधायक निवास से दबोचा गया। उमर के खिलाफ गाजीपुर जिले में धोखाधड़ी (cheating) से जुड़ा गंभीर मामला दर्ज है। पुलिस की इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान को लेकर सरकार लगातार आक्रामक रुख अपना रही है।
गाजीपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने छापेमारी कर उमर को विधायक निवास से गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास पहले से सूचना थी कि उमर अंसारी लखनऊ में छिपा हुआ है। इसके आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए थे और पुलिस ने किसी भी तरह के विरोध की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी के साथ दबिश दी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी शांतिपूर्वक ढंग से की गई और किसी प्रकार की झड़प की नौबत नहीं आई।
उमर अंसारी के खिलाफ दर्ज मामला धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, जिसमें गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। हाल के वर्षों में अंसारी परिवार की जांचों और कानूनी कार्रवाईयों में तेजी आई है। मुख्तार अंसारी और उनके बड़े बेटे अब्बास अंसारी पहले ही विभिन्न मामलों में जेल में हैं। उमर अंसारी को लेकर भी यह माना जा रहा था कि वह कानून की पकड़ से बचने की कोशिश में था, लेकिन अब पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया है और उसे गाजीपुर ले जाया जा रहा है, जहां कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद अंसारी परिवार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इससे पहले उमर राजनीतिक मंचों पर सक्रिय रहा है और अब्बास अंसारी के चुनावी अभियानों में भी भूमिका निभा चुका है। हालाँकि उसने अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन अपने पिता मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी में था। अब उसकी गिरफ्तारी न सिर्फ कानूनी मोर्चे पर संकट खड़ा कर रही है, बल्कि राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकती है।
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गाजीपुर पुलिस ने अभी तक इस गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक विवरण दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय से पेंडिंग था और जांच एजेंसियों की नजर उमर पर काफी समय से थी। सरकार पहले ही मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों की संपत्तियों पर बुलडोज़र चला चुकी है, और अब परिवार के बाकी सदस्यों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो चुका है।
यह गिरफ्तारी उस बड़े अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘माफिया मुक्त प्रदेश’ का लक्ष्य तय किया है। योगी सरकार ने साफ किया है कि किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनैतिक रसूख कितना ही बड़ा क्यों न हो। उमर अंसारी की गिरफ्तारी इसी सख्ती का उदाहरण है और आने वाले समय में इस दिशा में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
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