वाराणसी में सावन के पहले सोमवार पर एक भव्य और ऐतिहासिक नज़ारा देखने को मिला, जब सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए लाखों की संख्या में यादव बंधुओं ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
यादव समुदाय की आस्था और परंपरा:
सावन के पहले सोमवार पर यादव समाज के लोग वर्षों से काशी में जलाभिषेक करते आ रहे हैं, और इस परंपरा को आज भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाया गया।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु:
केवल काशी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों से भी लाखों की संख्या में यादव बंधु बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए वाराणसी पहुंचे।
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व्यवस्था से संतुष्ट श्रद्धालु:
श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था की सराहना की। प्रशासन और पुलिस की तैनाती, भीड़ नियंत्रण, सफाई, पेयजल और मार्गदर्शन व्यवस्था को लेकर आमजन में संतोष का भाव दिखा।
शासन-प्रशासन की सराहना:
पूरे आयोजन के दौरान शासन और प्रशासन की मुस्तैदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर इच्छा शक्ति हो, तो भारी भीड़ में भी व्यवस्था संभाली जा सकती है।
काशी विश्वनाथ धाम के दृश्य आज बेहद अलौकिक और आस्था से परिपूर्ण रहे, जहां श्रद्धा और परंपरा एक साथ झूम उठी।
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