बिहार में चल रही “वोटर अधिकार यात्रा” के दौरान राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वोट चोरी महज़ चुनावी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह संविधान और हिंदुस्तान की आत्मा पर सीधा हमला है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें वोट के अधिकार में बसती हैं और अगर यह अधिकार छीना गया तो देश की नींव ही हिल जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे वोट की ताक़त को बचाने के लिए एकजुट होकर खड़े हों।
मोदी सरकार और चुनाव आयोग को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत माता और लोकतंत्र पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे सत्ता कितनी भी ताक़तवर क्यों न हो, जनता की आवाज़ और संविधान के सम्मान से बड़ी नहीं हो सकती।
उन्होंने जनता से वादा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा—”हम हर गाँव, हर गली और हर मोहल्ले तक जाएंगे और लोगों को यह समझाएंगे कि वोट का अधिकार सिर्फ़ एक पर्ची नहीं, बल्कि उनका भविष्य और उनकी आज़ादी है।”
Also Read: चुनाव आयोग का नया आदेश: अब 45 दिन बाद डिलीट होंगे वीडियो, बढ़ी राजनीतिक हलचल
राहुल गांधी का यह बयान न सिर्फ़ भाजपा और चुनाव आयोग पर सीधा हमला है, बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। इस बयान ने बिहार की राजनीति को और गर्मा दिया है और दिल्ली तक हलचल मचा दी है।
सियासी विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के इस बयान से आने वाले चुनावों में विपक्ष के लिए एक भावनात्मक नैरेटिव तैयार हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस हमले का क्या जवाब देती है और चुनाव आयोग अपनी साख बचाने के लिए क्या कदम उठाता है।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
