भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान को लेकर एक स्पष्ट, कड़ा और दो-टूक संदेश दिया है। नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर (Manekshaw Centre) में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए हर पल तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद और सीमापार से हो रही साजिशें अब कोई असामान्य परिस्थिति नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की सैन्य रणनीति का हिस्सा बन चुकी हैं।
जनरल चौहान ने अपने बयान में पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के गठजोड़ को भारत की सुरक्षा के लिए एक लगातार बनी रहने वाली चुनौती बताया। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनौती अब हमें विचलित नहीं करती, क्योंकि हमारी सेनाएं पूरी तरह सक्षम, सजग और आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय सेना अब केवल प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति नहीं रही, बल्कि अब वह सक्रिय और निर्णायक रूप से किसी भी खतरे का सामना करने को तैयार है।
CDS का यह बयान ऐसे समय आया है जब जम्मू-कश्मीर और पंजाब सीमा पर आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बीते कुछ महीनों में LOC पर कई बार घुसपैठ की कोशिशें हुई हैं, जिन्हें सेना ने सफलतापूर्वक विफल किया है। इस संदर्भ में जनरल चौहान का यह वक्तव्य न केवल सेना का मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि एक साफ राजनीतिक और कूटनीतिक संकेत भी है कि भारत अब “सहिष्णुता” की नीति से “सटीक प्रतिक्रिया” की नीति की ओर बढ़ चुका है।
जनरल चौहान ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है जब दुश्मनों को यह समझना होगा कि भारत की संप्रभुता पर कोई भी हमला उन्हें भारी कीमत चुकाने को मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि साइबर स्पेस, सूचना युद्ध और रणनीतिक मोर्चों पर भी हर खतरे का जवाब देने में सक्षम है। भारत की आधुनिक युद्ध क्षमता और संयुक्त बलों की तैयारी किसी भी परिस्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
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कार्यक्रम के दौरान CDS ने सेना के आधुनिकीकरण, इंटर-सर्विस कोऑर्डिनेशन और अग्निपथ योजना जैसे विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारतीय सेना न केवल सीमा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और भविष्य के खतरों के लिए तैयार सेना का निर्माण कर रही है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे राष्ट्रसेवा के इस गौरवपूर्ण मिशन में भागीदार बनें।
जनरल अनिल चौहान का यह बयान एक रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक संकेत है – कि भारत अब सीमाओं पर हो रही साजिशों को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर हमले का जवाब उसी तीव्रता से दिया जाएगा। यह स्पष्ट संदेश है उन ताकतों के लिए जो भारत की अखंडता और शांति को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं – कि नई दिल्ली अब चुप नहीं बैठेगी।
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