लखनऊ-कैसरबाग रेल खंड पर बन रहे खदरा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर सेतु निगम और स्थानीय लोगों में ठन गई है। करीब छह माह पूर्व इस पूल का निर्माण कार्य ठप हो गया। इसके पीछे कारण बना रोड अंडरपास (आरओबी) को लेकर आम लोगों की पहुंच रही है।
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सेतु निगम लिमिटेड को सेतु निगम मुख्यालय की ओर से खदरा आरओबी निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। भूमि अधिग्रहण की ओर न बने हुए मकान मालिकों को नोटिस भेजा गया। यादव किराना स्टोर व त्रिवेणी यादव मेडिको कांप्लेक्स सबसे ज्यादा चर्चित हैं, जिसमें आरओबी के नीचे स्थित संकरे प्रवेश द्वार दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, मोंमेन्टम सुपर स्टोर के सामने भी अंडरपास की एक रोड अधूरी बनी हुई है।
मामला सेतु निगम के अधिकारियों ने बिना अधिग्रहण के ही कॉम्प्लेक्स के सामने आवरण खड़ा कर दिया। विरोध होने पर सात प्रतिवेदन आरओबी पर स्थानीय पार्षद और क्षेत्रीय विधायक ने प्रशासन को सौंपा।
आरओबी के दोनों ओर दर्जनों अवैध कॉलोनियों की सड़कों को जोड़ने का कार्य अधूरा पड़ा है। इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
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क्षेत्रीय निवासी गणेशप्रसाद, कैसरबाग खदरा, सहारागंज, बालापुर विहार, भवानीगंज सहित कई कॉलोनियों के लोगों को परेशानी है। वहीं स्थानीय दुकानदारों की माने तो उनके कारोबार पर असर पड़ा है।
सेतु निगम के कारण पिछले छह माह से काम बंद है, जिससे आरओबी अधूरा पड़ा है। यह नजारा सुबह-शाम दिखता है। राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है।
सेतु निगम के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि भूमि अधिग्रहण के बाद ही निर्माण कार्य पूरा होगा। आरओबी की स्थिति देख राज्य सरकार भी चिंतित है।
कैसरबाग खदरा आरओबी का निर्माण कर रहे सेतु निगम के अधिकारियों ने बिना अधिग्रहण कॉम्प्लेक्स के चौराहे पर खड़ा कर दिया आवरण। लोगों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा।
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