यूपी का बनारस जिसे काशी और वाराणसी भी कहा जाता है सिर्फ आध्यात्मिकता, शिवभक्ति और सनातन संस्कृति की भूमि नहीं, बल्कि आज की तारीख में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा शूटिंग हॉटस्पॉट बन चुका है। यहां की घाटों की अनोखी भव्यता, संकरी मगर जीवंत गलियां, और हर मोड़ पर बदलता नैसर्गिक माहौल फिल्ममेकर को ऐसा असली सेटअप देता है, जिसे न कोई हाई-टेक स्टूडियो मैच कर सकता है, न विदेशी लोकेशन का कृत्रिम सौंदर्य। यही वजह है कि बॉलीवुड हो या साउथ सिनेमा या फिर ओटीटी हर जगह काशी की डिमांड पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी है।
फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नामों का कहना है कि बनारस में शूटिंग करना, मानो स्क्रिप्ट में जान फूंक देना जैसा है। घाटों पर बहती हवा, गंगा आरती की दिव्यता, पुराने मकानों की अनूठी बनावट और हर कदम पर दिखती ‘जीवन की असल तस्वीर’ ये सब मिलकर काशी को कैमरे की नजर में एक जादुई दुनिया बना देते हैं। फिल्म निर्माता बताते हैं कि किसी भी कहानी को रियल और रॉ फील देने के लिए इससे बेहतर लोकेशन देश में कहीं और नहीं मिलती, इसलिए बनारस आज सभी जॉनर के फिल्ममेकर की पहली पसंद है।
काशी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुपरस्टार रजनीकांत यहाँ अपनी फिल्म के महत्त्वपूर्ण हिस्से की शूटिंग कर चुके हैं। अक्षय कुमार ने भी अपनी कई फिल्मों के दृश्यों को यहीं फिल्माया है और हर बार बनारस की ऊर्जा और दर्शकों के प्यार का ज़िक्र किया है। साउथ के मेगास्टार महेश बाबू ने भी काशी की गलियों में शूटिंग करते हुए कहा था कि यहां की ऑरा किसी भी कलाकार को एक नए स्तर पर ले जाती है। सनी देओल, जो अपनी फिल्मों में भारतीय मिट्टी की रूह को दिखाने के लिए जाने जाते हैं, ने भी हाल ही में यहां अपने एक बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग की।
बनारस की संकरी गलियां, जहां से श्रद्धा, संस्कृति और सदियों पुराना इतिहास एक साथ झलकता है, फिल्म कैमरे के लिए एकदम ‘गोल्डन फ्रेम’ बन चुकी हैं। चाहे भावनात्मक दृश्य हों, एक्शन सीक्वेंस हो, रोमांस हो या कहानी का कोई अहम मोड़ इन गलियों में फिल्माए गए शॉट दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं। यही कारण है कि काशी आज हर निर्देशक की शूटिंग लिस्ट में सबसे ऊपर रहती है।
गंगा घाटों का महत्व तो और भी खास है। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, पंचगंगा घाट हर जगह एक अलग कहानी है, एक अलग रंग है, और एक अलग भाव। गंगा किनारे उगता और डूबता सूरज कई फिल्मों को सबसे सॉफ्ट और खूबसूरत सिनेमैटिक विजुअल्स देता है, जिसकी बराबरी किसी वीएफएक्स से संभव नहीं। गंगा आरती के दृश्य तो दुनिया भर में लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर चुके हैं।
वहीं, स्थानीय प्रशासन और यूपी सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने की नीति ने भी काशी को फिल्म इंडस्ट्री के लिए और आकर्षक बना दिया है। आसान परमिशन, शूटिंग-फ्रेंडली माहौल और सुरक्षा–व्यवस्था की वजह से बड़े प्रोडक्शन हाउस अब बिना किसी हिचक के यहाँ लंबी शूटिंग करते हैं। इससे न सिर्फ शहर को पहचान मिली है, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ रहा है।
ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स की कई बड़ी वेब सीरीज़ भी काशी को अपना बेस लोकेशन बना चुकी हैं। क्राइम, मिस्ट्री, फैमिली ड्रामा, पॉलिटिकल प्लॉट हर जॉनर में बनारस की गलियां और घट्ट अपनी खास मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। डिजिटल दुनिया की नई पीढ़ी भी इन रियल सेटअप्स को देखकर काशी की ओर आकर्षित हो रही है।
आज काशी सिर्फ एक धार्मिक नगरी नहीं रही, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए एक ‘लिविंग स्टूडियो’ बन चुकी है, जहाँ हर फ्रेम में कहानी बसती है और हर दृश्य में भावनाएँ जीवंत हो उठती हैं। आने वाले वर्षों में काशी का ये चमकता सितारा और बड़ा होगा, क्योंकि इंडस्ट्री को अब समझ आ चुका है रियल लोकेशन ही असली कनेक्शन बनाती है, और उससे बेहतर रियलिटी काशी से बड़ा कोई और नहीं दे सकता।
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