किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के फॉरेंसिक एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग में जल्द ही इंडक्टिवली कपल्ड प्लाज्मा मास स्पेक्ट्रोमेट्री (ICP-MS) मशीन लगाई जाएगी। इस अत्याधुनिक मशीन की मदद से शरीर में मौजूद विषैली और हानिकारक धातुओं की पहचान और उनकी मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।
फॉरेंसिक एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग की डॉ. शिऊली राठौर ने जानकारी दी कि दूषित खानपान और पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण लोगों के शरीर में सीसा, पारा, कैडमियम और आर्सेनिक जैसी विषाक्त धातुओं का स्तर बढ़ता जा रहा है, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अब तक इन धातुओं की पहचान की कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन ICP-MS मशीन के आने से यह संभव हो सकेगा।
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बीते वर्ष विभाग में टॉक्सिकोलॉजी लैब की शुरुआत की गई थी, जिसमें विभिन्न प्रकार के ज़हर की जांच होती है। हालांकि, अभी तक यह ज्ञात नहीं हो पाता था कि शरीर में जहर की कितनी मात्रा है। नई मशीन के आने से न केवल धातुओं की पहचान होगी, बल्कि जहर की मात्रा भी मापी जा सकेगी। साल के अंत तक मशीन आने की उम्मीद है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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