अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार कारण बेहद गंभीर और चिंताजनक है। हाल ही में उन्होंने एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें उनके ही घर में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। वीडियो में तनुश्री बेहद असहाय नजर आईं और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके खिलाफ एक “well-planned lobby” काम कर रही है, जो उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
तनुश्री ने यह भी कहा कि उन्हें डर है कि उनके साथ भी वही हो सकता है जो कुछ साल पहले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ हुआ था। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और एक बार फिर बॉलीवुड इंडस्ट्री में चल रही कथित लॉबियों, मानसिक उत्पीड़न और नेपोटिज़्म को लेकर बहस छिड़ गई है। कई यूज़र्स और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स ने तनुश्री के साहस की सराहना की है और मामले की गहन जांच की मांग की है।
पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अभिनेत्री से पूछताछ की है और आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, तनुश्री का कहना है कि अब तक उन्हें वह सहयोग और सुरक्षा नहीं मिल पाई है जिसकी उन्हें जरूरत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और कुछ शक्तिशाली लोग इस पूरे प्रकरण के पीछे हैं
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यह पहली बार नहीं है जब तनुश्री ने ऐसी गंभीर बात सामने रखी है। इससे पहले भी वह #MeToo मूवमेंट के दौरान काफी मुखर रही थीं और उन्होंने कई बड़े नामों पर आरोप लगाए थे। उनके हालिया बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बॉलीवुड की चमक-धमक के पीछे एक गहरा और जटिल अंधेरा भी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बॉलीवुड इंडस्ट्री में सच बोलने वालों के लिए कोई सुरक्षित जगह बची है? और क्या कानून-व्यवस्था ऐसी हस्तियों की रक्षा के लिए पर्याप्त है जो सिस्टम और सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत करते हैं? तनुश्री दत्ता की आपबीती न सिर्फ एक व्यक्तिगत संकट है, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और संस्थागत प्रश्न भी बनती जा रही है।
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