उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने एक ऐसा बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है, जिसने लाखों लोगों को चौंका दिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड पर लिखी जन्म-तिथि को किसी भी सरकारी काम में जन्म-तिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यानी आधार आपकी पहचान जरूर बताता है, लेकिन आपकी उम्र का असली सबूत नहीं है। इस आदेश के बाद सरकारी नियुक्तियों, स्कूल-कॉलेज एडमिशन, सरकारी योजनाओं, पेंशन, और तमाम दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
नियोजन विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि आधार कार्ड को सिर्फ Identity Proof यानी पहचान पत्र की तरह देखा जाए। इसकी वजह भी बेहद अहम है UIDAI ने खुद माना है कि आधार पर दर्ज जन्म-तिथि अक्सर अनुमानित होती है, क्योंकि कई लोगों ने आधार बनवाते समय जन्म-तिथि मौखिक रूप से बताई थी और कोई ठोस दस्तावेज़ नहीं दिया था। ऐसे में इसे ‘प्रमाणिक’ मानना सरकार के मुताबिक गलत और जोखिम भरा है।
अब स्थिति यह हो गई है कि सरकारी विभागों को जन्म-तिथि के लिए जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड, मैट्रिक सर्टिफिकेट, अस्पताल का रिकॉर्ड, नगर पालिका का प्रमाणपत्र या अन्य मान्य दस्तावेज़ ही स्वीकार करने होंगे। इससे भविष्य में होने वाली धोखाधड़ी, गलत उम्र दिखाकर नौकरी पाने, या दस्तावेज़ों में हेरफेर जैसे मामलों पर रोक लगने की उम्मीद है। कई विभागों में यह समस्या बार-बार सामने आती थी कि उम्मीदवार आधार दिखाकर गलत DOB साबित करने की कोशिश करते थे।
इस फैसले का असर करोड़ों लोगों पर पड़ेगा खासकर उन पर जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है, या जिनकी उम्र सिर्फ आधार के डेटा पर निर्भर थी। अब उन्हें दस्तावेज़ अपडेट कराने होंगे या असली रिकॉर्ड जुटाना होगा। ग्रामीण इलाकों में जहां अभी भी जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनता, वहाँ यह नियम लोगों के लिए चुनौती भी बन सकता है।
दूसरी ओर विशेषज्ञ इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जन्म की तारीख आधार से मान ली जाए, तो फर्जी DOB के मामले कभी खत्म नहीं होंगे। इसलिए ठोस दस्तावेज़ की मांग जरूरी थी। कई राज्यों में पहले ही ऐसे नियम लागू हैं और यूपी ने भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ाया है।
इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि आम जनता आधार को ‘सर्वशक्तिशाली’ दस्तावेज़ समझती थी आधार दिखाओ, सब काम हो जाएगा! लेकिन इस फैसले ने एक चीज़ साफ कर दी: पहचान और जन्म दो अलग चीजें हैं आधार सिर्फ पहचान देगा, जन्म का असली सबूत नहीं।
अभी देखना ये है कि लोग इस फैसले को कितनी जल्दी अपनाते हैं और विभाग इसे कितनी सख्ती से लागू करते हैं। लेकिन इतना तय है अब सरकारी काम में आधार की जगह बाकी दस्तावेज़ों का महत्व काफी बढ़ जाएगा।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
