समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को जौनपुर में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। वक्फ संशोधन कानून को संविधान विरोधी बताते हुए उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कानून सरकार की नाकामी को छुपाने की साजिश है।
अखिलेश यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरजूदेई के दिवंगत पति धर्मराज यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने प्रेस से बातचीत की और कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
वक्फ कानून पर तीखी प्रतिक्रिया
सपा प्रमुख ने कहा, “सरकार वक्फ कानून के जरिए समाज को भ्रमित करना चाहती है। यह मुसलमानों को डराने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। संसद में हमने इसका विरोध किया और अब सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक लोकतंत्र और अल्पसंख्यक अधिकारों के खिलाफ है। समाजवादी पार्टी इसे न केवल संसद में, बल्कि जनता के बीच भी मुद्दा बनाएगी।
कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर पर सवाल
अखिलेश ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “यूपी में अब कानून का राज नहीं बचा। अफसरशाही बेलगाम है, अधिकारी अपनी मर्जी से फैसले ले रहे हैं।”
उन्होंने जौनपुर के एक युवक के एनकाउंटर, टिकटॉक वीडियो बनाने वाले मुस्लिम लड़के की मौत और बरेली की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, “फर्जी एनकाउंटर कर लोगों की हत्या की जा रही है। एक यादव का मुद्दा उठाया, तो जवाब में एक क्षत्रिय का एनकाउंटर कर दिया गया। ये कौन-सा इंसाफ है?”
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुलडोजर कार्रवाई पर की गई टिप्पणी को भी याद दिलाया और कहा कि जो बातें आज कोर्ट कह रहा है, वह समाजवादी पार्टी पहले दिन से कह रही है।
बिजली, विकास और ईवीएम पर निशाना
अखिलेश यादव ने बिजली दरों में वृद्धि पर कहा, “प्रदेश में बिजली केवल महंगी हो रही है, जबकि सप्लाई की स्थिति खराब है। केवल मीटर बदले जा रहे हैं, कोई नया विकास कार्य नहीं हो रहा।”
विकास के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया, “हमारी सरकार में जो लैपटॉप दिए गए थे, वो आज भी काम कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा सरकार ने एक भी ठोस योजना नहीं दी।”
ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने बयान का हवाला दिया और कहा कि चुनाव प्रणाली पर अब बहस जरूरी है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर केंद्र को चुनौती
अखिलेश यादव ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की नीति पर केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “पहले उत्तर प्रदेश में सभी चुनाव एक साथ करवा कर दिखाएं, फिर पूरे देश की बात करें।”
2027 विधानसभा चुनाव पर दावा अखिलेश यादव ने अंत में बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि “2027 में यूपी की जनता बीजेपी का पूरी तरह सफाया कर देगी। अब लोग बदलाव चाहते हैं और समाजवादी पार्टी उसका विकल्प बनेगी।”

