पश्चिम बंगाल के बाली विधानसभा क्षेत्र में मतदान खत्म होने के बाद उस वक्त तनाव बढ़ गया जब ईवीएम मशीनों को हटाया जा रहा था। डनबस्क मोड़ स्थित सोहन लाल स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे हालात अचानक बिगड़ने लगे।
प्रशासन ने भीड़ को हटने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई और माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
हालात काबू से बाहर जाते देख सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
इस घटना ने मतदान के बाद की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जहां छोटी सी चिंगारी भी बड़े विवाद का रूप ले सकती है। प्रशासन अब पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दूसरी ओर, पूरे राज्य में दूसरे चरण की वोटिंग के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। 142 सीटों पर भारी मतदान दर्ज किया गया, जहां 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग की खबर सामने आई है।
इस बीच सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी 180 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने अपनी जीत को लेकर भी भरोसा जताया।
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि वह खुद 30 हजार से अधिक वोटों से जीत रहे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब आराम करना चाहिए। उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी जवाबी रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी अपने संगठन और बूथ मैनेजमेंट के दम पर जीत का दावा कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि मतगणना तक स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में मतदान के बाद भी सियासी टकराव जारी है। जहां एक ओर जमीन पर तनाव की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं के दावे और बयान चुनावी माहौल को और तीखा बना रहे हैं।
written by :- Anjali Mishra
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
