शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जहां देश की सबसे बड़ी परीक्षा संस्था Central Board of Secondary Education (CBSE) के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है।
उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी Radha S. Chauhan को CBSE की On-Screen Marking (OSM) जांच और कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है जब OSM सिस्टम की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
राधा एस. चौहान केंद्र सरकार में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में सचिव रह चुकी हैं और उन्हें एक अनुभवी और प्रशासनिक रूप से मजबूत अधिकारी माना जाता है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इसी बीच प्रशासनिक फेरबदल के तहत Rahul Singh और Himanshu Gupta का तबादला भी किया गया है। इसके बाद जांच प्रक्रिया को और अधिक व्यापक और सख्त बनाए जाने की तैयारी है।
छात्रों और अभिभावकों की ओर से OSM सिस्टम को लेकर कई तरह की शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें धुंधली कॉपियां, कुछ पेजों का गायब होना और उत्तर पुस्तिकाओं में तकनीकी गड़बड़ियों जैसे आरोप शामिल हैं। इन समस्याओं ने मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि OSM का ठेका देने वाली कंपनी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी जांच के दायरे में सवाल हैं। हालांकि इन आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब पूरी नजर इस जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि ये केवल तकनीकी खामियां थीं या फिर सिस्टम में कोई गंभीर संरचनात्मक समस्या मौजूद है।
फिलहाल यह मामला शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले समय में CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया की दिशा तय कर सकते हैं।
written by:- Anjali Mishra
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