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रामभद्राचार्य का बड़ा दावा: ‘ऑपरेशन सिंदूर दो दिन और चलता तो POK भारत में होता’!

लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध संत और धर्माचार्य Jagadguru Rambhadracharya ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसकी राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि यदि यह सैन्य अभियान दो दिन और जारी रहता, तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) भारत का हिस्सा बन सकता था।

अपने वक्तव्य के दौरान रामभद्राचार्य ने भारत की सैन्य कार्रवाई और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हुए हमलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने जिस तरह की क्षमता और दृढ़ता दिखाई, उससे यह स्पष्ट हुआ कि देश अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान हालात तेजी से बदल रहे थे और यदि सैन्य कार्रवाई कुछ और समय तक जारी रहती, तो परिणाम और भी बड़े हो सकते थे। हालांकि यह उनका व्यक्तिगत आकलन और दृष्टिकोण था।

इस आयोजन में Rajnath Singh भी मंच पर मौजूद थे, जिससे कार्यक्रम की चर्चा और बढ़ गई। रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयानों को लेकर कार्यक्रम के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में भारतीय सेना प्रमुख Upendra Dwivedi का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने गुरु दक्षिणा के रूप में POK को भारत में वापस लाने की इच्छा व्यक्त की थी। इस टिप्पणी ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का मुद्दा लंबे समय से भारत-पाकिस्तान संबंधों और क्षेत्रीय राजनीति का एक संवेदनशील विषय रहा है। ऐसे में इस तरह के बयान स्वाभाविक रूप से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं और विभिन्न वर्गों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं।

रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी सैन्य अभियान के परिणामों को लेकर कई तरह के आकलन सामने आते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति का निर्धारण सैन्य, कूटनीतिक और राजनीतिक कारकों के संयुक्त प्रभाव से होता है।

फिलहाल रामभद्राचार्य के इस बयान की व्यापक चर्चा हो रही है। समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य क्षमता पर विश्वास के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे एक विचार और अनुमान के रूप में देख रहे हैं। इतना तय है कि उनके इस बयान ने POK और भारत की सुरक्षा नीति को लेकर चल रही बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

written by:- Anjali Mishra

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