महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों और कारोबारियों को एक और झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब रसोई गैस के कमर्शियल सेगमेंट में कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
Liquefied Petroleum Gas के 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के बाद दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है, जबकि कोलकाता में यह 3255.50 रुपये तक पहुंच गई है। यह बदलाव खासकर व्यापारिक उपयोग वाले सेक्टर के लिए बड़ा असर डाल सकता है।
इसी तरह 5 किलो वाले छोटे FTL सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे छोटे स्तर के फूड आउटलेट्स और स्ट्रीट फूड कारोबारियों की लागत पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बढ़ती इनपुट कॉस्ट पहले से ही दबाव में चल रहे इस सेक्टर के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकती है।
हालांकि राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल इस बढ़ोतरी से सीधे राहत मिली हुई है।
लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल LPG के दाम बढ़ने का असर अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट अपनी बढ़ी हुई लागत को संतुलित करने के लिए खाने-पीने की कीमतों में हल्का इजाफा कर सकते हैं।
लगातार ईंधन और गैस की कीमतों में हो रहे बदलावों ने महंगाई के दबाव को और बढ़ा दिया है। इससे छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े फूड चेन तक सभी पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बढ़ोतरी सीधे तौर पर सेवा क्षेत्र की कीमत संरचना को प्रभावित करती है और इसका असर धीरे-धीरे आम जनता की जेब पर भी दिखने लगता है।
फिलहाल बाजार की नजर आने वाले समय में ईंधन और गैस की कीमतों के ट्रेंड पर टिकी है, क्योंकि यही तय करेगा कि महंगाई का यह दबाव आगे और बढ़ेगा या स्थिर रहेगा।
written by:- Anjali Mishra
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