बिग बॉस 19 का रोमांचक सफर आखिरकार पूरी भव्यता के साथ खत्म हुआ और इस सीज़न ने एक ऐसा विनर दिया, जिसकी जीत शोर-शराबे से नहीं, बल्कि शांत दिमाग और सूझबूझ से तय हुई। गौरव खन्ना ने बड़ी विनम्रता के साथ वह ट्रॉफी अपने नाम की, जिसे पाने के लिए पूरे सीज़न में हर कंटेस्टेंट ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उनकी जीत सिर्फ ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही 50 लाख रुपये कैश प्राइज़ और एक लग्जरी कार ने इसे और भी खास बना दिया।
फाइनल में गौरव के सामने फरहाना भट्ट जैसी स्ट्रॉन्ग प्लेयर थीं, जिन्होंने आखिरी दम तक मुकाबला दिया, लेकिन दर्शकों ने आखिरकार गौरव की संतुलित और ईमानदार गेम को ही ताज पहनाया। फरहाना रनर-अप बनीं और उन्होंने भी पूरे सीज़न में अपनी बेहतरीन पकड़ बनाए रखी। बिग बॉस के पिछले दो सीज़न्स की तरह इस बार भी विनर को वही 50 लाख रुपये की इनामी राशि दी गई, जैसे कि करणवीर मेहरा और मुनव्वर फारूकी को मिली थी।
गौरव के गेम की खासियत यह थी कि उन्होंने शुरुआत से ही किसी भी प्रकार की अनावश्यक लड़ाई या ड्रामा से दूरी बनाई रखी। जहां कई कंटेस्टेंट लगातार विवादों और झगड़ों में उलझते रहे, वहीं गौरव ने चुपचाप अपने काम और रणनीति पर फोकस बनाए रखा। उनकी यह स्टाइल दर्शकों को शुरुआत से ही पसंद आई और धीरे-धीरे वे ‘Silent but Strong’ प्लेयर की कैटेगरी में जगह बनाते गए।
टास्क में गौरव हमेशा पूरी मेहनत से उतरे और हर बार यह साबित किया कि शांत खिलाड़ी होना कमजोरी नहीं, बल्कि परिपक्वता का संकेत है। उन्होंने जब-जब ज़रूरी हुआ, अपना स्टैंड लिया और बाकी वक्त खुद को विवादों में घसीटने नहीं दिया। शायद यही वजह है कि बिग बॉस के हाउस में रहने वाले दूसरों सदस्यों के मुकाबले उनके फैसले ज्यादा सोचे-समझे और संतुलित नज़र आए।
सीज़न के दौरान कई मौकों पर गौरव के धैर्य और संयम की परीक्षा हुई, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को नियंत्रण में रखते हुए वही चाल चली जो गेम के लिए फायदेमंद थी। उनकी यही परिपक्वता उनके फैंस के बीच ‘ट्रेडमार्क गौरव’ बन गई कम बोलो, लेकिन सही बोलो।
ग्रैंड फिनाले में जब सलमान खान ने गौरव का नाम विनर के रूप में अनाउंस किया तो सोशल मीडिया पर मानो एक लहर दौड़ गई। फैंस ने तुरंत ट्रेंड शुरू कर दिया “Loud नहीं, Smart खेल जीता!” और यही लाइन गौरव के पूरे सफर को बखूबी बयां भी करती है।
गौरव की जीत से यह सीज़न कई मायनों में अलग हो गया। यह सिर्फ लोकप्रियता की जीत नहीं थी, बल्कि एक संतुलित सोच, परिपक्वता और समझदारी की जीत थी। बिग बॉस के वो दर्शक, जो अक्सर शांत कंटेस्टेंट को कमजोर समझ लेते हैं, इस बार गौरव की परफॉरमेंस ने उन्हें गलत साबित कर दिया।
कुल मिलाकर बिग बॉस 19 ने दिखा दिया कि सिर्फ चिल्लाकर या विवाद पैदा करके ट्रॉफी नहीं जीती जाती कभी-कभी स्थिर दिमाग, स्मार्ट प्लानिंग और शांत गेम भी सबसे बड़े मुकाम तक पहुंचा देते हैं। और गौरव खन्ना इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरे हैं।
Congratulations, Gaurav!
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