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बंगाल में निर्णायक मुकाबला: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले सियासी घमासान !

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होने जा रही है। यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके साथ ही राज्य की सत्ता की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और चुनावी माहौल चरम पर पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर सत्ता में वापसी के लिए जोरदार प्रचार कर रही हैं। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है और संगठनात्मक ताकत के दम पर मैदान में उतरी है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आक्रामक रणनीति अपना रही है। पार्टी ने बड़े नेताओं की रैलियों और रोड शो के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की है।

मतदान से पहले मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद भी तेज हो गया है। बीजेपी और टीएमसी दोनों ही एक-दूसरे पर नाम हटाने और गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 142 सीटों पर दूसरे चरण में मतदान होना है। इससे पहले सोमवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम गया, जिसके बाद अब उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होने का इंतजार है।

इस बार का चुनाव सिर्फ राजनीतिक दलों के लिए ही नहीं, बल्कि मतदाताओं के लिए भी बेहद अहम है। रिकॉर्ड मतदान की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि पहले चरण में लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी दिखाई थी।

इसी चुनावी माहौल में सयानी घोष भी काफी चर्चा में हैं। 33 वर्षीय यह युवा सांसद अपने आक्रामक भाषणों और अलग अंदाज के प्रचार के कारण लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

सयानी घोष की खासियत यह भी है कि वे चुनावी मंचों पर गाना गाकर भी लोगों से जुड़ने की कोशिश करती हैं, जिससे उनकी सभाएं अलग पहचान बना रही हैं। उनका यह स्टाइल युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है।

गौरतलब है कि 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल होने से पहले भी सयानी घोष एक जानी-पहचानी शख्सियत थीं, हालांकि उस समय उनके पास राजनीतिक अनुभव नहीं था।

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल का यह चुनाव अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मुद्दा चाहे वह मतदाता सूची का विवाद हो या नेताओं का प्रचार मतदान के नतीजों पर असर डाल सकता है। अब सबकी नजर 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग पर टिकी है।

written by :- Anjali Mishra

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