अमेरिका की प्रतिष्ठित Harvard University में 14 और 15 फरवरी 2026 को आयोजित ‘हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस’ इस साल खास थी। कॉन्फ्रेंस का विषय था “The India We Imagine”, यानी हम जिस भारत की कल्पना करते हैं। इस आयोजन में दुनिया भर के पॉलिटिकल लीडर्स, शैक्षणिक विशेषज्ञ और इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल हुए। भारत से खास तौर पर कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor और अभिनेत्री-सार्वजनिक शख्सियत व Priyanka Chopra को मुख्य वक्ताओं के रूप में बुलाया गया।
सोशल मीडिया पर दोनों के नाम एक साथ देख कर लोगों ने अंदाजा लगाया कि वे एक ही मंच साझा करेंगे। फैंस और मीडिया में इस बात को लेकर उत्सुकता भी काफी बढ़ गई थी। हालांकि, हकीकत में दोनों ने अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लिया और अपने विचार साझा किए। शशि थरूर ने मज़ाकिया अंदाज़ में ट्वीट किया, “But not together, alas!” यानी अफसोस, साथ में नहीं। इस हल्के-फुल्के ट्वीट ने सोशल मीडिया पर खूब लाइक और शेयर हासिल किए।
शशि थरूर ने अपने सत्र में भारत की लोकतांत्रिक पहचान, वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका और युवा नेतृत्व के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की भविष्य की तस्वीर हमारी सोच और प्रयासों पर निर्भर करती है। उनका सत्र छात्रों और युवा नेताओं के लिए खास प्रेरणा का स्रोत रहा।
वहीं, प्रियंका चोपड़ा ने अलग सत्र में सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भारतीय महिलाओं की भूमिका और उनकी उपलब्धियां देश की छवि को मजबूत करती हैं। उनका सत्र युवा वर्ग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच खासा चर्चा का विषय बना।
कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर के प्रतिभागियों ने भारत के भविष्य, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, संस्कृति और वैश्विक सहयोग पर अपनी राय साझा की। यह आयोजन भारत की संभावनाओं और वैश्विक छवि पर गंभीर विचार करने का एक मंच साबित हुआ।
इस साल की कॉन्फ्रेंस ने खास तौर पर यह दिखाया कि भारत की सोच और कल्पना कितनी व्यापक हो सकती है। शशि थरूर और प्रियंका चोपड़ा जैसे नामों की भागीदारी ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रति ध्यान भी आकर्षित किया।
अलग-अलग सत्रों में होने के बावजूद दोनों के विचारों और अनुभवों ने युवाओं, छात्रों और प्रतिनिधियों के लिए सीख और प्रेरणा का काम किया। सोशल मीडिया पर इस हल्की-फुल्की स्थिति ने कॉन्फ्रेंस को एक हल्के मनोरंजन के साथ गंभीर विषयों से जोड़ दिया।
हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 ने यह संदेश दिया कि भारत की विविध आवाज़ें और अलग-अलग दृष्टिकोण मिलकर देश की वैश्विक छवि को और मजबूत बनाते हैं। यह आयोजन भविष्य में भी भारत के दृष्टिकोण और विचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
written by :- Anjali Mishra
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