पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की साजिशों को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने शनिवार को सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कश्मीरी छात्रों, पर्यटकों और कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
डीजीपी ने कहा कि हमले के बाद कुछ अराजक तत्व सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती जिलों में सघन चेकिंग करवाई जाएगी। विशेष रूप से नेपाल सीमा से लगे महराजगंज, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, खीरी, पीलीभीत, बहराइच और बलरामपुर जिलों के अधिकारियों को एसएसबी के साथ समन्वय बनाकर चेक पोस्टों पर चौकसी बढ़ाने को कहा गया है।
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सभी संवेदनशील क्षेत्रों में राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में पुलिस, पीएसी और केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी और फ्लैग मार्च किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों व हॉट स्पॉट्स पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। धार्मिक स्थलों पर आपत्तिजनक सामग्री या वॉल राइटिंग की रोकथाम के लिए नियमित चेकिंग होगी।
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सरकारी संस्थानों और राजनेताओं की सुरक्षा एसओपी के अनुरूप सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए हैं। मॉल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।इसके अलावा, होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस और नए किरायेदारों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
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