हजारों छात्र-छात्राओं को धोखा देने वाले प्रतिष्ठित फिटजी कोचिंग संस्थान के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी शनिवार सुबह समाप्त हो गई। इस दौरान ईडी ने 10 लाख रुपये नकद, 4.89 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं।
जांच में सामने आया है कि संस्थान के संचालकों ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए चार वर्षीय कोर्स के नाम पर लगभग 15,000 छात्रों से 250 करोड़ रुपये एकत्र किए। इसके बाद जनवरी माह में लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, भोपाल समेत कई शहरों में अचानक कोचिंग केंद्र बंद कर दिए गए।
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घटना के बाद अभिभावकों ने विभिन्न शहरों में कोचिंग संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि कोचिंग संचालकों ने करीब 206 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। गुरुवार को ईडी ने कोचिंग संस्थान के प्रमुख डी.के. गोयल और उनके सहयोगियों के दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम स्थित 8 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां छात्रों की फीस को अन्य जगहों पर डायवर्ट किए जाने के ठोस सबूत मिले।
ईडी ने डी.के. गोयल का बयान भी दर्ज किया है। जांच में यह भी पाया गया कि संस्थान ने अपने शिक्षकों को वेतन तक नहीं दिया और गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, नोएडा, प्रयागराज, दिल्ली, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मुंबई सहित 32 कोचिंग सेंटर अचानक बंद कर दिए। इससे करीब 15,000 छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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