तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही बयानबाज़ी और मतभेद एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने हालिया विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि संगठन के अंदर हर मुद्दे पर चर्चा की जाती है और किसी भी तरह की नाराजगी को आंतरिक स्तर पर ही सुलझाया जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि कल्याण बनर्जी उनके खिलाफ बोल सकते हैं क्योंकि वह उन्हें बचपन से जानते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मन में किसी भी प्रकार की कड़वाहट नहीं है और वह पार्टी के भीतर संवाद और एकजुटता पर भरोसा रखते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के भीतर कथित असंतोष और कुछ सांसदों की दिल्ली में बैठक को लेकर अटकलें तेज थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने TMC की आंतरिक राजनीति को फिर से चर्चा में ला दिया है।
दूसरी ओर, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग जाना चाहते हैं उन्हें जाने दिया जाए और यह सब एक राजनीतिक चाल हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता अपने क्षेत्रों में सक्रिय नहीं हैं और फिर भी विकास की बात करते हैं।
कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की और कहा कि राज्य में लोकतंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को लगातार परेशान किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि एक तरफ अभिषेक बनर्जी पार्टी में एकता और संवाद की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कल्याण बनर्जी का रुख काफी आक्रामक और आरोपों से भरा नजर आया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं है, बल्कि TMC के भीतर शक्ति संतुलन और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर भी खींचतान का संकेत हो सकता है।
फिलहाल पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या बड़े बदलाव की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बयानबाज़ी ने यह साफ कर दिया है कि TMC की अंदरूनी राजनीति में सबकुछ पूरी तरह सहज नहीं है।
written by:- Anjali Mishra
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