पश्चिम बंगाल के Cooch Behar में भारत-बांग्लादेश सीमा को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीन बीघा कॉरिडोर के पास बॉर्डर फेंसिंग और जमीन सर्वेक्षण के दौरान विवाद की स्थिति सामने आई है, जिसके बाद सीमा सुरक्षा और दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सीमा क्षेत्र में फेंसिंग और सर्वेक्षण कार्य के दौरान Border Guard Bangladesh यानी BGB की ओर से कथित रुकावट की बात सामने आई है। हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दे पहले से ही राजनीतिक और रणनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। तीन बीघा कॉरिडोर लंबे समय से भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है।
इसी मुद्दे पर बीजेपी नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि सीमा पर फेंसिंग में बाधा डाली गई तो उसका जवाब दिया जाएगा। उनके बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
सीमा फेंसिंग को भारत सुरक्षा के नजरिए से महत्वपूर्ण मानता रहा है, खासकर अवैध गतिविधियों और घुसपैठ को रोकने के लिए। ऐसे में इस तरह की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक हलकों दोनों का ध्यान खींचा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं, लेकिन सीमा से जुड़े मुद्दे समय-समय पर संवेदनशील स्थिति पैदा करते रहे हैं।
राजनीतिक स्तर पर भी इस घटनाक्रम को लेकर बयानबाजी तेज हो सकती है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा हमेशा चुनावी और राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है।
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि इस पूरे मामले ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा, कूटनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
written by:- Anjali Mishra
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