देश में महंगाई से जूझ रहे लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रसोई का बजट एक बार फिर प्रभावित होने वाला है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों की चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग ₹90 तक की वृद्धि हो चुकी है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके मासिक खर्च में रसोई गैस एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता जैसी परिस्थितियां भी कीमतों को प्रभावित कर रही हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पाद महंगे होते हैं, तो उसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है।
इसी दौरान पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी महंगाई के दबाव को और बढ़ा दिया है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों से लेकर रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ता पर दोहरा बोझ पड़ता है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन और गैस की कीमतें सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनका प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर दिखाई देता है। यही वजह है कि LPG की कीमतों में वृद्धि को व्यापक महंगाई से जोड़कर देखा जाता है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए चिंता की बात यह है कि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कोई बड़ा सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। यदि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।
फिलहाल आम जनता की नजर सरकार और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े भविष्य के फैसलों पर टिकी है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में बड़ी राहत मिलने की संभावना सीमित दिखाई दे रही है, जिससे परिवारों को अपने घरेलू बजट में अतिरिक्त संतुलन बनाना पड़ सकता है।
written by:- Anjali Mishra
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