गोरखपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति पर गंभीर चर्चा के बीच एक ऐसा पल भी आया, जिसने पूरे सभागार का माहौल हल्का और खुशनुमा बना दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने खास अंदाज में सांसद Ravi Kishan पर चुटकी लेते हुए ऐसा मजाक किया कि बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य लोग ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।
बैठक की शुरुआत होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कराते हुए रवि किशन की ओर देखा और मजाकिया अंदाज में कहा, “रवि किशन तो अपना सारा प्रस्ताव विजय दुबे को दे आए हैं।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के साथ ही सभागार में मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे और माहौल में हंसी की लहर दौड़ गई। गंभीर प्रशासनिक बैठक के बीच आया यह हल्का पल सभी के लिए चर्चा का विषय बन गया।
दरअसल समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय विकास योजनाओं और प्रस्तावों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने रवि किशन और कुशीनगर के सांसद Vijay Dubey का जिक्र करते हुए मजाकिया टिप्पणी की। मुख्यमंत्री की सहज शैली और त्वरित प्रतिक्रिया ने बैठक में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
मामला यहीं नहीं रुका। बैठक के दौरान एक विधायक ने रवि किशन को “पंडित जी” कहकर संबोधित किया। जैसे ही यह शब्द सभागार में गूंजा, मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, “इनके पंडित बनने के लिए कुशीनगर के सांसद विजय दुबे और चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी की मुहर जरूरी है।” मुख्यमंत्री की यह बात सुनते ही पूरा सभागार जोरदार ठहाकों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी में राजनीतिक हास्य और स्थानीय संदर्भ दोनों शामिल थे, जिसने मौजूद लोगों को खूब गुदगुदाया। आमतौर पर विकास कार्यों की समीक्षा बैठकें काफी गंभीर माहौल में होती हैं, लेकिन ऐसे क्षण नेताओं और अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद और सहजता का माहौल भी बनाते हैं।
Rajesh Tripathi और विजय दुबे का नाम लेते हुए की गई इस टिप्पणी को वहां मौजूद लोगों ने बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। रवि किशन भी इस दौरान मुस्कराते नजर आए और पूरे घटनाक्रम का आनंद लेते दिखाई दिए। इससे यह भी देखने को मिला कि राजनीतिक मंचों पर गंभीर मुद्दों के बीच कभी-कभी हास्य का तड़का माहौल को और जीवंत बना देता है।
गोरखपुर की इस समीक्षा बैठक का यह दिलचस्प प्रसंग अब राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त प्रशासनिक रवैये के साथ-साथ समय-समय पर ऐसे हल्के-फुल्के और हाजिरजवाबी भरे अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। यही वजह है कि उनकी यह टिप्पणी लोगों के बीच तेजी से वायरल हो रही है।
कुल मिलाकर विकास योजनाओं की समीक्षा के बीच आया यह मजेदार पल बैठक की सबसे यादगार घटना बन गया। मुख्यमंत्री की चुटकी, रवि किशन का नाम और सभागार में गूंजते ठहाके इन सबने उस बैठक को सिर्फ प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक यादगार राजनीतिक क्षण में बदल दिया।
written by:- Anjali Mishra
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