back to top
Saturday, June 20, 2026
43.8 C
Lucknow
HomeGovernmentराम मंदिर विवाद में नया भूचाल! स्वामी की तारीफ, अखिलेश के सवाल,...

राम मंदिर विवाद में नया भूचाल! स्वामी की तारीफ, अखिलेश के सवाल, VHP की मांग और 40% कमीशन के आरोप से मची हलचल|

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और दान प्रबंधन विवाद ने अब धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा का रूप ले लिया है। मामला केवल कथित दान गड़बड़ी या चढ़ावे की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, जमीन खरीद, दान प्रबंधन और प्रशासनिक फैसलों पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस बयान की हो रही है जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कट्टर आलोचक माने जाने वाले Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने मुख्यमंत्री के एक फैसले की खुलकर सराहना की है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अयोध्या दौरे के दौरान ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai को अपने कार्यक्रम से दूर रखना एक सकारात्मक कदम है। उनका कहना था कि जब किसी व्यक्ति पर सवाल उठ रहे हों या जांच चल रही हो, तब उसे मंच पर प्रमुखता देना गलत संदेश देता है। स्वामी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी, क्योंकि अब तक वे अक्सर योगी सरकार पर तीखे हमले करते रहे हैं।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछा कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अचानक क्यों तय हुआ और क्या इसका संबंध SIT जांच शुरू होने के बाद बने दबाव से है। अखिलेश ने यह भी संकेत दिया कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि दानराशि, सोने-चांदी और मंदिर से जुड़े हर संसाधन का पूरा हिसाब चाहती है।

मामले में नया मोड़ तब आया जब Vishwa Hindu Parishad की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई। VHP के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल ने मांग की कि SIT जांच का दायरा केवल वर्तमान विवाद तक सीमित न रहे, बल्कि राम मंदिर के नाम पर वर्षों से धन संग्रह करने वाले अन्य ट्रस्टों और संस्थाओं के खातों की भी जांच की जाए। संगठन का कहना है कि भगवान राम के नाम पर प्राप्त प्रत्येक रुपये की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इसी बीच सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पुराने दस्तावेजों और जमीन खरीद से जुड़े दावे भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि मंदिर से जुड़ी एक भूमि, जिसकी बाजार कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही थी, उसे 55 करोड़ रुपये से अधिक में खरीदा गया। इन दावों के सामने आने के बाद एक बार फिर जमीन खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस शुरू हो गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अभी सामने आने बाकी हैं।

विवाद को और गहरा करने वाला एक नया आरोप ट्रस्ट से जुड़े प्रयागराज के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा की ओर से सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि ट्रस्टी Dr. Anil Mishra कथित तौर पर विभिन्न कार्यों में 40 प्रतिशत कमीशन लेते थे। वर्मा का आरोप है कि उन्होंने जब इस व्यवस्था का विरोध किया तो उन्हें धमकियां मिलीं और चढ़ावे की नकदी गिनने की प्रक्रिया से अलग कर दिया गया। यह आरोप सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता पर और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि इन आरोपों पर अभी तक डॉ. अनिल मिश्रा या ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की सत्यता का निर्धारण केवल जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही संभव होगा। लेकिन लगातार सामने आ रहे दावों ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

SIT जांच के चलते अब मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट सदस्यों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, दान गिनती की प्रक्रिया, CCTV रिकॉर्ड और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों की गहराई से जांच कर रही हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल और नए दावे सामने आ रहे हैं।

फिलहाल अयोध्या का यह मामला केवल एक जांच नहीं बल्कि आस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता की परीक्षा बन चुका है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे में अब हर पक्ष से यही मांग उठ रही है कि जांच निष्पक्ष, व्यापक और पूरी पारदर्शिता के साथ हो। जनता, संत समाज, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन सभी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या होगा और क्या वास्तव में ‘सोने का सोना, चांदी की चांदी’ वाला पूरा हिसाब सामने आ पाएगा।

written by:- Anjali Mishra

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )

Livenewsx
Livenewsxhttp://www.livenewsx.in
we are digtal news platform.we are covering social facts politics national international news breaking
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments