आज Lucknow University का माहौल उस वक्त गर्मा गया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख Mohan Bhagwat कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। जैसे ही उनकी उपस्थिति की खबर फैली, छात्र संगठनों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। NSUI, समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी से जुड़े छात्र कैंपस के बाहर इकट्ठा हुए और “गो बैक मोहन भागवत” के नारे लगाने लगे। विरोध इतना जोरदार था कि विश्वविद्यालय परिसर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने छात्रों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन कुछ छात्रों ने सड़क पर बैठकर और कुछ जमीन पर लेटकर विरोध जताया। इससे स्थिति और अधिक नाजुक हो गई। पुलिस ने कई छात्रों को जबरन जीप और बसों में बैठाकर वहां से हटाया। इसके बावजूद परिसर के बाहर घंटों तक तनाव का माहौल बना रहा।
छात्रों का कहना था कि वे संगठन के प्रमुख की उपस्थिति का विरोध शांतिपूर्ण ढंग से कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए कार्रवाई की। वहीं प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित होना चाहिए था, लेकिन कुछ छात्रों की नीयत और प्रदर्शन ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया।
इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा और छात्र राजनीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है कि भविष्य में ऐसे मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया दी जाए।
प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव ने यह भी दिखाया कि छात्रों की राजनीतिक सक्रियता कितनी तीव्र है और वे किस हद तक अपनी आवाज उठाने को तैयार हैं। हालांकि हिंसा नहीं हुई, लेकिन धक्का-मुक्की और जबरन हटाने की कार्रवाई ने विवाद को और बढ़ा दिया।
इस मौके पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजनीतिक संगठनों के बीच भी इस घटना पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ नेताओं ने छात्रों के अधिकार की बात की, तो कुछ ने कार्यक्रम के महत्व और सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि विश्वविद्यालयों में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर छात्र प्रतिक्रिया देना जारी रखेंगे, और प्रशासन को ऐसे मामलों के लिए पहले से योजना बनानी होगी।
कुल मिलाकर Lucknow University में Mohan Bhagwat के आगमन पर हुए विरोध ने छात्रों, प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच एक संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी, जो अब भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
written by :- Anjali Mishra
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