बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में एक इमोशनल वीडियो साझा कर अपने जीवन की दर्दनाक सच्चाई को सबके सामने रखा है। वीडियो में तनुश्री की आंखों से बहते आंसू और उनके शब्दों में छिपा दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले 4-5 सालों से वह एक निरंतर मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक-मानसिक हैरेसमेंट की शिकार रही हैं। तनुश्री ने यह भी कहा कि उनके आसपास की दुनिया ने जैसे उन्हें तोड़कर रख दिया है। उनके चेहरे की थकावट और आवाज की कांपती लय यह साबित करती है कि वह एक लम्बे समय से भीतर ही भीतर घुटन और डर से जूझ रही हैं। उन्होंने अपने घर तक को असुरक्षित बताया — जो किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा ट्रॉमा होता है।
इस वीडियो में तनुश्री ने अपने संघर्षों की एक ऐसी परत खोली है जो न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि दिल को झकझोर देने वाली भी है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें बार-बार निशाना बनाया गया, उनकी मानसिक स्थिति को खराब करने की कोशिश की गई, और कई बार ऐसा लगा कि जैसे कोई उन्हें तोड़ देने की साजिश रच रहा हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उन्हें जहर देने की कोशिश की गई, गाड़ी के ब्रेक से छेड़छाड़ की गई और हर बार जब वह उबरने की कोशिश करतीं, तब फिर से कोई नया हमला होता। तनुश्री के मुताबिक, ये घटनाएं कोई संयोग नहीं थीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थीं जिससे उनका आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन पूरी तरह नष्ट हो सके।
वीडियो में उन्होंने खासतौर पर बॉलीवुड और कुछ राजनैतिक ताकतों की ओर इशारा किया, जिन्होंने उनके साथ हुए अन्याय को नजरअंदाज किया या कहीं न कहीं उसमें सहयोग भी किया। उन्होंने कहा कि #MeToo मूवमेंट के दौरान जब उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी, तब एक पल को लगा कि न्याय मिलेगा, लेकिन वक्त के साथ हालात और भी बदतर होते गए। तनुश्री का दावा है कि उनके करियर को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की गई और उन्हें इंडस्ट्री से बाहर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया, हर कदम पर डराया-धमकाया गया और वह अकेलेपन की गहराइयों में डूबती चली गईं।
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तनुश्री ने अपने वीडियो में यह भी बताया कि अब वह गंभीर रूप से डिप्रेशन और एंग्जायटी का सामना कर रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार आत्महत्या करने का ख्याल उनके मन में आया लेकिन फिर किसी अनदेखी शक्ति ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा कि वह यह वीडियो इसलिए बना रही हैं ताकि दुनिया को सच्चाई पता चले और शायद कोई उनकी मदद कर सके। उन्होंने कहा कि कोई इंसान बाहर से भले ही मजबूत दिखे, लेकिन भीतर से कितना टूटा हुआ होता है, ये किसी को नहीं पता चलता। तनुश्री की यह बात हर उस व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करती है जो मानसिक स्वास्थ्य को आज भी हल्के में लेता है।
इस वीडियो के माध्यम से तनुश्री दत्ता ने न सिर्फ अपने दर्द को साझा किया, बल्कि एक बार फिर से समाज, मीडिया और न्याय व्यवस्था को आईना दिखाया है। उन्होंने अपने अनुभवों से यह संदेश देने की कोशिश की है कि सेलिब्रिटी की चमक-धमक के पीछे भी एक इंसान होता है, जो भावनाओं, तकलीफों और डर से भरा होता है। उन्होंने यह अपील की कि मानसिक उत्पीड़न को गंभीरता से लिया जाए और समाज में ऐसे मुद्दों पर खुलकर बात हो। तनुश्री की बहादुरी यह बताती है कि वह अभी भी हार नहीं मानी हैं — और उनकी यह लड़ाई सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि उन तमाम आवाज़ों की है जो दबा दी जाती हैं या डरा दी जाती हैं। उनका यह वीडियो एक गहरी चोट भी है और एक अनसुनी पुकार भी।
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