उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव अगले साल निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि चुनाव समय से कराने के लिए विभागीय तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पिछले चुनाव के बाद कई ग्राम पंचायतों और राजस्व गांवों को शहरी क्षेत्रों में शामिल कर लिया गया है, जिससे वहां नए सिरे से परिसीमन की आवश्यकता पड़ी है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने नगर विकास विभाग को पत्र लिखा है।
परिसीमन को लेकर नगर विकास को पत्र
नगर विकास विभाग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगम की सीमाएं विस्तारित होने के कारण कई ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्रों में सम्मिलित हो गई हैं। इससे सीमावर्ती ग्राम पंचायतों की जनसंख्या निर्धारित मानकों से कम हो गई है। ऐसे में पंचायत चुनाव से पहले शहरी क्षेत्रों में सम्मिलित ग्राम पंचायतों को हटाना और बचे हुए राजस्व ग्रामों को नजदीकी ग्राम पंचायतों में जोड़ना जरूरी है। इसके साथ ही पहले जारी की गई अधिसूचना में भी संशोधन की आवश्यकता बताई गई है।
निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेज
निर्वाचन आयोग ने भी समय पर चुनाव कराने की दिशा में कदम उठाए हैं। हाल ही में आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए एक लाख मतपेटियों के टेंडर जारी किए हैं।
आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निम्न पदों पर होंगे चुनाव:
ग्राम प्रधान: 57,691
पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य
जिला पंचायत सदस्य: 3,200
जिला पंचायत अध्यक्ष: 75
ब्लॉक प्रमुख: 826
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 2026 में समाप्त होगा। वहीं, 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव की अधिसूचना 2026 की शुरुआत में जारी होने की संभावना है।
