शक एक ऐसी बीमारी जिसका इलाज़ दूसरे नहीं कर सकते बल्कि इस इलाज़ खुद से करना पड़ता है, और ना जाने कितने रिश्ते को शक की वजह से तबाह भी हो जाते है, लेकिन कभी कभी शक सच में भी तब्दील हो जाता है जिसे मान पाना आसान नहीं आज हम आपको एक ऐसी कहानी से रूबरू करवाने जा रहे है जिसे सुन के आप हैरान हो जायेगे तो end तक मेरे साथ जरूर बने रहिएगा यह घटना ग्वालियर के माधौगंज इलाके की है। 23 साल की एक युवती की शादी एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले युवक से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पत्नी को पति की हरकतों पर शक होने लगा। पति अक्सर फोन पर बिजी रहता था। वह अपने मोबाइल को लॉक रखता था और देर रात तक व्हाट्सएप पर चैटिंग करता था। इससे पत्नी का शक और भी बढ़ गया लेकिन पति हमेशा यही कहता था कि ‘मैं बस तुम्हारा हूं।
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पत्नी ने पति को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक योजना बनाई। उसने एक नए नंबर से व्हाट्सएप शुरू किया और फेसबुक पर एक नकली प्रोफाइल बनाई। उसने पति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। पति जाल में फंस गया और उसने नकली आईडी पर बात करना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान उसने खुद को कुंवारा बताया। उसने यह भी कहा कि वह एक मल्टी नेशनल कंपनी (MNC) में काम करता है। लगभग दो महीने तक उनकी बातचीत चली फिर युवक ने वॉयस कॉल करने की जिद की। इस पर पत्नी ने अपनी बहन से आवाज बदलकर उससे बात कराई। आखिर में उन्होंने एक रेस्टोरेंट में मिलने का फैसला किया। कुछ दिन पहले जब युवक रेस्टोरेंट में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा, तो उसने अपनी पत्नी को वहां बैठा पाया। पत्नी ने उससे कहा, ‘जिससे तुम मिलने आए हो वो मैं ही हूं। इस मामले को लेकर सीएसपी रोबिन जैन ने कहा कि ‘परामर्श के बाद मामला सुलझ गया है।
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