उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इस बार बजट का कुल आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल के बजट से करीब 12.9% अधिक है। सरकार का कहना है कि इस बढ़े हुए बजट का फायदा आम जनता तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों से जुड़े कामों पर ज्यादा खर्च किया जाएगा। सरल शब्दों में कहें तो अब यूपी के विकास के लिए पहले से अधिक संसाधन उपलब्ध हैं, ताकि योजनाएं तेजी से लागू हो सकें।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में सरकार की पिछली उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई, सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं में विस्तार हुआ, उद्योगों में निवेश बढ़ा और लोगों को रोजगार के मौके मिले। इसके अलावा, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए भी कई योजनाएं चलाई गई हैं, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार आया है।
सरकार के अनुसार, 2024–25 में यूपी की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से 13% अधिक है। प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर लगभग 1.10 लाख रुपये हो गई है, और वित्त मंत्री का अनुमान है कि अगले वर्ष यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इस दौरान करीब 6 करोड़ लोग गरीबी से ऊपर उठाए गए हैं, जबकि बेरोजगारी दर घटकर 2.24% रह गई है।
बजट भाषण में यह भी बताया गया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में बड़ा सुधार हुआ है। राज्य ने 2018–19 में 29वें स्थान से बढ़कर 2023–24 में 18वें स्थान पर कब्जा किया। यह आंकड़ा बताता है कि प्रदेश के विकास के मानक राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर हो रहे हैं।
फरवरी 2024 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश में निवेश का माहौल बनाया। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हो चुके हैं, जिनसे लाखों रोजगार पैदा होने की संभावना है। इनमें से बड़ी रकम पर हजारों परियोजनाओं का काम भी शुरू हो चुका है, जिससे यूपी में आर्थिक गतिविधियां और तेज हुई हैं।
प्रदेश ने अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादन केंद्र बनकर अपनी पहचान बनाई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप सेक्टर में भी उत्तर प्रदेश का योगदान बढ़ा है। सरकार का दावा है कि स्टार्टअप मामले में यूपी राष्ट्रीय स्तर पर “लीडर” श्रेणी में शामिल हो गया है।
फाइनेंशियल डेटा और विकास योजनाओं के साथ बजट में आम लोगों की जिंदगी सुधारने पर भी जोर दिया गया। सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल और गांव-शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष रकम रखी गई है। किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए योजनाएं त्वरित क्रियान्वयन के तहत लाई जा रही हैं।
सरकार का दावा है कि इन कदमों से यूपी तेजी से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। आम जनता को प्रत्यक्ष फायदा मिल रहा है और प्रदेश में सशक्त कानून-व्यवस्था, निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर बनकर लोगों की जिंदगी में बदलाव ला रहे हैं। यह बजट विकास की नई मिसाल और तेजी से आगे बढ़ते यूपी का परिचायक माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह बजट न केवल आर्थिक आंकड़ों में रिकॉर्ड तोड़ने वाला है, बल्कि सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का दावा है कि 2026–27 में यूपी का हर नागरिक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध जीवन जी सकेगा।
written by :- Anjali Mishra
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