प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर देशभर में हमेशा चर्चा होती रहती है। जब भी प्रधानमंत्री किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं या विदेश यात्राओं पर निकलते हैं, तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था बेहद खास और चाक-चौबंद होती है। इस सुरक्षा घेरे में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली चीज़ होती है, एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो का हाथ में पकड़ा हुआ काला सूटकेस। देखने में यह साधारण लग सकता है, लेकिन इसके भीतर एक ऐसा रहस्य छिपा होता है जो किसी भी आपात स्थिति में प्रधानमंत्री की जान बचाने में कारगर साबित हो सकता है। यह सूटकेस दरअसल एक पोर्टेबल बुलेटप्रूफ शील्ड है, जिसे सेकंडों में खोलकर प्रधानमंत्री को ढाल की तरह सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
यह पोर्टेबल शील्ड दिखने में एक सामान्य बैग जैसी होती है, लेकिन इसका डिज़ाइन और निर्माण पूरी तरह अत्याधुनिक तकनीक से किया गया है। यह हल्का होने के बावजूद बेहद मजबूत होता है और इसमें इस्तेमाल की गई सामग्री गोलियों को रोकने की क्षमता रखती है। कई बार प्रधानमंत्री की सभाओं या रोड शो में भीड़ बहुत करीब आ जाती है और ऐसे में खतरे की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में एसपीजी कमांडो तुरंत इस सूटकेस को खोलकर प्रधानमंत्री को कवर कर लेते हैं। खास बात यह है कि यह शील्ड केवल गोलियों को ही नहीं रोकती, बल्कि धमाके की स्थिति में भी प्रधानमंत्री और उनके आस-पास खड़े लोगों को बड़ी हद तक सुरक्षित रखती है।
इस काले सूटकेस की एक और खासियत यह है कि इसमें एक गुप्त पॉकेट बनी होती है। इस पॉकेट में एक विशेष प्रकार की पिस्टल रखी जाती है, जो सिर्फ प्रशिक्षित एसपीजी कमांडो ही चला सकते हैं। यह पिस्टल साधारण पिस्टल से अलग होती है और इसे खासतौर पर नजदीकी हमलों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। मतलब यह कि अगर कभी प्रधानमंत्री के ऊपर अचानक हमला हो जाए, तो कमांडो इस पिस्टल की मदद से तुरंत हमलावर को जवाब दे सकते हैं। इस पिस्टल को हमेशा इस सूटकेस के भीतर गुप्त रूप से रखा जाता है ताकि हमलावर को इसका अंदाजा तक न हो।
एसपीजी कमांडो को इस सूटकेस और इसके अंदर मौजूद हथियारों के इस्तेमाल की खास ट्रेनिंग दी जाती है। इन कमांडो का चयन भी बेहद कठिन प्रक्रिया के बाद होता है। कहा जाता है कि एसपीजी के जवानों को इस तरह की सुरक्षा प्रणाली का अभ्यास बार-बार कराया जाता है ताकि किसी भी स्थिति में उनका हाथ न कांपे और वे पलभर में प्रधानमंत्री की सुरक्षा का कवच बना सकें। यही वजह है कि जब भी प्रधानमंत्री बाहर निकलते हैं तो लोग अक्सर देखते हैं कि उनके चारों तरफ कमांडो का घेरा होता है और उनमें से एक-दो हमेशा इस काले सूटकेस के साथ चलते हैं।
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इस सूटकेस की तकनीक समय-समय पर अपग्रेड भी की जाती है। बदलते खतरे और नई सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इसमें नई-नई सुविधाएं जोड़ी जाती हैं। कई बार इसे लेकर अफवाहें भी उड़ती हैं कि इसके अंदर बटन दबाते ही ऑटोमेटिक मशीन गन सक्रिय हो जाती है या यह बम डिटेक्टर का भी काम करता है। हालांकि आधिकारिक रूप से इस तरह की जानकारी कभी सार्वजनिक नहीं की जाती क्योंकि सुरक्षा से जुड़े उपकरणों का पूरा ब्योरा गुप्त रखा जाता है। लेकिन इतना जरूर है कि यह सूटकेस प्रधानमंत्री की सुरक्षा का एक अभिन्न हिस्सा है और एसपीजी की तैयारियों में इसकी भूमिका बेहद अहम है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में यह काला सूटकेस सिर्फ एक बैग नहीं बल्कि एक जीवन रक्षक कवच है। यह सूटकेस उस अदृश्य सुरक्षा कवच का प्रतीक है जो हमेशा प्रधानमंत्री के साथ रहता है। जब भी प्रधानमंत्री किसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाते हैं, तो आम जनता शायद इसे सिर्फ एक बैग समझती हो, लेकिन असल में यह बैग किसी भी संभावित खतरे से निपटने का सबसे मजबूत हथियार है। यही कारण है कि एसपीजी कमांडो इसके साथ हमेशा सतर्क दिखाई देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रधानमंत्री हर पल सुरक्षित रहें।
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