नए साल की शुरुआत भारतीय सिनेमा के लिए बेहद खास रही, जब 1 जनवरी को देशभक्ति से भरपूर फिल्म ‘इक्कीस’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि भारत के वीर सपूत सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की शौर्यगाथा है, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया था। इस फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली है।
श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी ‘इक्कीस’ को बेहद संवेदनशील और भावनात्मक अंदाज़ में पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म न केवल युद्ध की भयावहता दिखाती है, बल्कि एक जवान के साहस, कर्तव्य और देशभक्ति को भी गहराई से सामने लाती है। दर्शकों को यह एहसास होता है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सच्चे नायक को श्रद्धांजलि है।
फिल्म में दिवंगत अभिनेता अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है। यह भूमिका उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक भूमिकाओं में से एक मानी जा रही है। अगस्त्य ने अपने अभिनय से यह साबित किया है कि वह सिर्फ स्टार किड नहीं, बल्कि एक गंभीर अभिनेता भी हैं।
फिल्म की एक खास बात यह भी है कि इसमें दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने अरुण खेत्रपाल के पिता का किरदार निभाया है। पर्दे पर उनका शांत, गंभीर और भावनात्मक अभिनय दर्शकों के दिल को छू जाता है। पिता और बेटे के रिश्ते को जिस संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है, वह फिल्म को और भी खास बना देता है।
जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर जैसे मजबूत कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म की पकड़ को और मजबूत किया है। युद्ध के दृश्य, भावनात्मक संवाद और बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों को पूरी तरह कहानी से जोड़कर रखते हैं। फिल्म में देशभक्ति को बिना शोर-शराबे के बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश किया गया है।
‘इक्कीस’ को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। पहले ही दिन फिल्म ने करीब 5.53 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है, जो एक गंभीर विषय पर बनी फिल्म के लिए काफी सराहनीय मानी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म की खूब चर्चा हो रही है और लोग इसके भावनात्मक असर की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि एक मां-बाप के बेटे के बलिदान की कहानी है, जो देश के लिए हंसते-हंसते अपना जीवन न्योछावर कर देता है। फिल्म देखने के बाद दर्शक भावुक हो रहे हैं और कई लोगों ने इसे “हर भारतीय को जरूर देखने वाली फिल्म” बताया है।
‘इक्कीस’ यह याद दिलाती है कि आज जिस आज़ादी में हम सांस ले रहे हैं, उसके पीछे कितने जवानों का बलिदान छिपा है। यह फिल्म न सिर्फ एक सैनिक को सलाम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति का असली मतलब भी समझाती है।
कुल मिलाकर, ‘इक्कीस’ एक ऐसी फिल्म बनकर उभरी है जो मनोरंजन के साथ-साथ भावनाओं और गर्व से भर देती है। यह फिल्म लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखने वाली है और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ती है।
written by :- Anjali Mishra
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