पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
विवाद की शुरुआत उस टिप्पणी से हुई जिसमें सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि अगर राघव चड्ढा सांसद नहीं बनते, तो उनकी शादी अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से नहीं होती। इस बयान ने व्यक्तिगत जीवन को लेकर राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया।
इस पर जवाब देते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि राघव चड्ढा युवा हैं और उनकी शादी तो होनी ही थी, भले ही किसी और से होती। उनके इस बयान को पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है।
रंधावा यहीं नहीं रुके, उन्होंने भगवंत मान को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर भगवंत मान मुख्यमंत्री नहीं होते, तो शायद वह दूसरी शादी भी नहीं कर पाते। इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया।
इन टिप्पणियों के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। नेताओं के निजी जीवन पर की गई टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक मर्यादा पर भी सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां असल मुद्दों से ध्यान भटका देती हैं और सियासत का स्तर भी प्रभावित करती हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस विवाद को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक और विरोधी अपने-अपने नेताओं के पक्ष में खुलकर सामने आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह विवाद दिखाता है कि चुनावी और राजनीतिक माहौल में बयानबाजी किस तरह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच जाती है और सियासी तापमान को और बढ़ा देती है।
written by :- Anjali Mishra
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