कासगंज: जिले के मनरेगा कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि जैम पोर्टल के माध्यम से होने वाली निविदाओं में नियमों की खुलेआम अनदेखी कर अधिकारियों ने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए कुछ कंपनियों को तकनीकी और वित्तीय रूप से अयोग्य होने के बावजूद क्वालीफाई कर दिया।
मामला तब और गंभीर हो गया जब मानक से कोशो दूर रहने वाली संस्थाओं को पास कर दिया जबकि उसके दस्तावेज अधूरे थे और वह निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रही थी। वहीं, जिन संस्थाओं ने सभी मानक पूरे किए थे, उन्हें बिना उचित कारण बताए निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
नियमों के अनुसार, किसी संस्था को अयोग्य घोषित करने की स्थिति में कार्यालय द्वारा कारण पत्र जारी कर 48 घंटे का जवाब देने का अवसर दिया जाना चाहिए। लेकिन इस मामले में न तो कोई कारण पत्र जारी किया गया और न ही जवाब का मौका दिया गया। हैरानी की बात यह है कि एक जैसे मानक पूरे करने वाली कुछ अन्य संस्थाओं को अयोग्य ठहरा दिया गया, जबकि मनचाही कंपनियों को योग्य घोषित किया गया।
इसको लेकर कई जेनुइन संस्थाओं ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी तक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने की अपील की है।
