मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों के लिए विशेष संदेश लिखा, जिसे उन्होंने “योगी की पाती” का नाम दिया है। इस पत्र में उन्होंने बच्चों की सुरक्षा और सही आदतों पर जोर दिया। सीएम ने सबसे पहले चाइनीज मांझे के खतरे को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पतंग उड़ाना बच्चों का शौक है और यह खेल अच्छी गतिविधि है, लेकिन चाइनीज मांझे से दूर रहना जरूरी है क्योंकि यह सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर कहीं यह बिकता दिखाई दे, तो बच्चों को घरवालों के जरिए तुरंत पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया।
इसके अलावा सीएम ने बच्चों को मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म की लत से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोबाइल गेम और रील्स में समय बर्बाद होता है और लंबे समय तक उपयोग से बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है। सीएम योगी ने बच्चों को सुझाव दिया कि मोबाइल की जगह किताबों से दोस्ती करें, पढ़ाई पर ध्यान दें और परिवार के साथ समय बिताएं।
बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सीएम ने विशेष शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बिना डर के, ध्यान से प्रश्नपत्र पढ़कर उत्तर लिखें और नकारात्मक सोच से दूर रहें। उनका कहना था कि सकारात्मक सोच और संयम से बच्चों को सफलता प्राप्त होगी।
योगी की पाती में बच्चों के लिए खेल-कूद और मनोरंजन के सुरक्षित तरीके अपनाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि खेल जरूरी है, लेकिन सुरक्षा और स्वास्थ्य के नियमों का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
सीएम ने अपने पत्र में यह भी कहा कि बच्चों को सुरक्षा, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ अपनी गतिविधियों को नियंत्रित करना चाहिए। उनका संदेश था कि हर बच्चे को अपने माता-पिता और शिक्षकों के सुझाव मानकर ही सही मार्ग पर चलना चाहिए।
पाती में बच्चों को यह सीख भी दी गई कि समय का सदुपयोग ही जीवन में सफलता की कुंजी है। मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सीमित उपयोग करें और अधिक समय पढ़ाई, खेल और परिवार के साथ बिताने में लगाएं।
सीएम योगी ने यह संदेश बच्चों के आत्मविश्वास, सोच और समझदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से लिखा। उनका उद्देश्य बच्चों को न केवल सुरक्षित रखना है, बल्कि उन्हें सकारात्मक आदतों और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन देना भी है।
अंत में सीएम ने बच्चों से कहा कि सुरक्षा, शिक्षा और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। खेलों और मनोरंजन के साथ-साथ अध्ययन और परिवार की जिम्मेदारियों को संतुलित करना ही भविष्य में सफलता और खुशहाली की दिशा है।
इस प्रकार “योगी की पाती” बच्चों के लिए सिर्फ एक पत्र नहीं, बल्कि जीवन के लिए मार्गदर्शक संदेश और सुरक्षित जीवन जीने की सीख बनकर सामने आई है।
written by :- Anjali Mishra
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