लखनऊ से निकलकर इस वक्त जो खबर पूरे यूपी में चर्चा में है, वह सीधे आम जनता के वोटिंग अधिकार से जुड़ी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साफ किया है कि राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाने की औपचारिक मांग कर दी है। अब तक आखिरी तारीख 11 दिसंबर तय थी, जिससे लोगों में जल्दी-जल्दी फॉर्म भरने की होड़ दिख रही थी, लेकिन अब पूरी संभावना है कि इसे 14 दिन और बढ़ाते हुए 25 दिसंबर तक कर दिया जाएगा। यानी लाखों लोगों को अपने दस्तावेज़ अपडेट कराने और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का एक और सुनहरा मौका मिलने वाला है।
यूपी में अब तक 99% डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है और लगभग 80% लोगों की मैपिंग भी तैयार हो चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य डिजिटल चुनाव सुधारों में देश के सबसे आगे खड़े राज्यों में एक बन चुका है। अब फोकस है फॉर्म-6 की प्रक्रिया को और तेज़ करने पर, ताकि ज्यादा से ज्यादा नए वोटर इस बार लिस्ट में शामिल हो सकें। जिले-दर-जिले बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर पहुंचकर डेटा मैचिंग कर रहे हैं, और पोर्टल पर ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी पहले से कहीं ज़्यादा तेज गति से हो रहा है।
मतलब साफ है चुनाव आयोग और यूपी प्रशासन इस बार वोटर लिस्ट को सबसे सटीक, अपडेटेड और त्रुटि-मुक्त बनाने के मिशन पर हैं। जिन लोगों का नाम पहले कट चुका था या जिनकी उम्र 18 पूरी हो रही है, उनके लिए यह एक्सटेंशन राहत से कम नहीं। आने वाले दिनों में जब आधिकारिक घोषणा होगी, तो उम्मीद है कि लाखों लोग इस added window का फायदा उठाएंगे और लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया वोटिंग का हिस्सा बनेंगे। यूपी में चुनावी तैयारियों की रफ़्तार अब बिल्कुल टॉप गियर में है… और हर कदम साफ संदेश दे रहा है इस बार कोई भी वोटर छूटना नहीं चाहिए!
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