पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक अहम सैन्य कदम सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने अपनी अत्याधुनिक लेजर डिफेंस सिस्टम Iron Beam को संयुक्त अरब अमीरात में तैनात कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस सिस्टम के साथ इजरायल ने अपने कुछ सैनिक भी UAE भेजे हैं, ताकि इस तकनीक का संचालन और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह तैनाती दोनों देशों के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग का संकेत मानी जा रही है।
Iron Beam एक लेजर-आधारित रक्षा प्रणाली है, जिसे खास तौर पर ड्रोन, रॉकेट और छोटे मिसाइल हमलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पारंपरिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तुलना में कम लागत और तेज प्रतिक्रिया क्षमता के लिए जाना जाता है।
इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य UAE को संभावित खतरों से बचाना बताया जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है that यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण को और जटिल बना सकता है। एक ओर यह सहयोग सुरक्षा को मजबूत करता है, तो दूसरी ओर विरोधी पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
यह तैनाती ईरान के लिए भी एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि क्षेत्र में उसकी भूमिका और प्रभाव को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है।
साथ ही, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के बीच हाल के वर्षों में मजबूत होते संबंधों का यह एक और उदाहरण है, जो अब सैन्य सहयोग तक पहुंच चुका है।
कुल मिलाकर, Iron Beam की तैनाती केवल एक रक्षा कदम नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया की बदलती रणनीतिक तस्वीर का हिस्सा है, जो आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा पर गहरा असर डाल सकता है।
written by :- Anjali Mishra
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