सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। अभिनेता के परिवार ने हाल ही में सामने आई CBI की रिपोर्ट पर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं और इसे “पक्षपाती” करार दिया है। परिवार का कहना है कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया है, जो मामले की असल सच्चाई को सामने ला सकते थे। परिवार के वकीलों और करीबी सदस्यों ने यह आरोप लगाया है कि जांच एजेंसियों ने शुरुआत में जिस तरह से केस को आत्महत्या करार दिया, उसी दिशा में पूरी जांच को मोड़ दिया गया, जबकि कई ऐसे तथ्य मौजूद हैं जो इसे संदिग्ध बनाते हैं। परिवार ने मांग की है कि इस मामले की न्यायिक निगरानी में दोबारा जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय मिल सके।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि सुशांत एक मजबूत व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे, जिनके जीवन में किसी भी तरह के मानसिक दबाव या अवसाद के संकेत नहीं थे। उनके अनुसार, CBI की रिपोर्ट ने उस कोण की अनदेखी की है, जिसमें यह देखा जा सकता था कि कहीं यह “सुसाइड” नहीं बल्कि “प्लान्ड मर्डर” तो नहीं था। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति और पिता कृष्ण कुमार सिंह ने कहा है कि रिपोर्ट ने उन्हें गहरी निराशा में डाल दिया है, क्योंकि वे पिछले कई वर्षों से यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि केंद्रीय एजेंसी सच्चाई तक पहुँचेगी। परिवार ने यह भी सवाल उठाया है कि जांच के दौरान कई तकनीकी रिपोर्ट्स, फोन रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया चैट्स को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया गया।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर एक बार फिर सुशांत के प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा है। लाखों फैंस ने ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर #JusticeForSushant ट्रेंड शुरू कर दिया है और CBI से निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। कई लोगों का मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा थे, जिन्होंने छोटे शहर से निकलकर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। परिवार और समर्थकों का यह भी कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और पारदर्शिता की परीक्षा का प्रतीक है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार और न्यायपालिका पर टिकी हैं कि क्या सुशांत केस में कोई नई पहल या पुनः जांच का आदेश दिया जाएगा।
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